शुक्रवार, 16 सितंबर 2011

कल रात का सपना

कल रात को सपना देखा फूट फूट के हिंदी रोई
कल ही मेरा जन्म दिवस है फिकर मैं सारी रात ना सोई


मैं बोली फिर रोना कैसा यह तो ख़ुशी का मौका है
हिंदी बोली रहने भी दो पल भर का बस झोंका है


मुझे पता है क्या साजिश है हो हल्ला बस करते हो
अन्दर से तुम हिन्दुस्तानी अंग्रेजी पर मरते हो


अभी उठोगे जैसे ही घर के अन्दर जाओगे
राक डांस पर झूमोगे पाप मैं गाना गाओगे


तुम तो क्या घुरहू कतवारू सब अंग्रेजी बोल रहे हैं
हेलो हाय आई ऍम सारी कह कर पॉयजन घोल रहे हैं


कहे 'आज़मी 'हिंदी जी ये कभी बाज  ना आयेंगें
अंग्रेजी मैं बात करेंगे हिंदी दिवस मनाएंगे

सावित्री तिवारी ' आज़मी '






 


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