दीपों का त्यौहार दिवाली , आओ दीप जलाएं .
हर दिल को खुशियाँ बांटें , हर दिल में प्यार जगाएं .
हो आदान - प्रदान मिठाई , सब को दें सौगातें .
मीठी - मीठी याद रखें , बिसरा दें कडवी बातें
.
स्वागत करें लक्ष्मी का , वरदान चलो मिल मांगें .
धन दौलत सुख शांति दे माँ , दुःख दरिदर भागें
.
कहे 'आज़मी ' मैं चाहू , हर रोज दिवाली आये .
मेहमानों पकवानों संग , फुलझड़ियाँ दीप जलाएं .
सावित्री तिवारी 'आज़मी '